शिक्षालय में मनाया गया श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस


नई दिल्ली: दिल्ली के न्यू मोती नगर में स्थित शिक्षण संस्था ‘शिक्षालय’ जो कि हाशिए के हुनरमंदो का घर है, जहां बच्चे शिक्षा के साथ-साथ कौशल और संस्कारों से भी परिपूर्ण हो रहे है। ये हाशिए के ऐसे हुनरमंद है जिनको समाज ने ठुकरा दिया है। ऐसे में शिक्षालय दिन रात मेहनत करके इनको समाज की मुख्यधारा में लाने की कोशिश कर रहा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षालय हर खास दिन को बच्चों संग मनाता आया है ताकि बच्चे अपने त्योहारों, योद्धाओं की कुर्बानियों और उन शहीदों के साहस के बारे में जान पाए जो अपने देश के लिए कुर्बान हो गए। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया गया।

इस पर्व का आयोजन शिक्षालय में दिल्ली सिख यूथ परिषद के प्रधान गगनदीप सिंह कोछर द्वारा किया गया। गगन दीप जी का कहना है कि हिंद की चादर कहे जाने वाले श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत संसार भर में एक अद्भुत मिसाल है जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपना शीश झुकाया नहीं बल्कि अपना शीश कटवा लिया। इस समागम की शुरुआत कीर्तन गायन से हुई। उसके बाद बच्चों ने भी शब्द गायन किया और बच्चों द्वारा गुरु जी से संबंधित कविताओं का गायन भी किया गया। इस मौके पर देश के सर्वश्रेष्ठ लाॅजिस्टिक कंपनियों में शुमार ‘सीजे डार्सल’ लाॅजिस्टिक के जेएमडी रोशन लाल गोरखपुरिया जी, गुरबक्स मोटर्स के एमडी गगन पासी जी परिवार सहित और बहुत सारे गणमान्य लोग शामिल हुए। इस समागम के अंत में बच्चो द्वारा तैयार किया लंगर भी बांटा गया। इस समय शिक्षालय की एक बच्ची कुसुम द्वारा बनाई गई श्री गुरु तेग बहादुर जी की पेंटिंग को भी सब ने खूब सराहा। सभी लोग बच्चों की प्रतिभा देखकर बहुत खुश हुए।

वहीं, समागम के अंत में गगन दीप जी ने बच्चों कॉपियां ,कलम और वाटर बॉटल्स बांटकर शिक्षा का लंगर लगाया। श्री गुरू तेग बहादुर जी हमेशा से ही गरीबों, असहाय और दुर्बलो का सहारा रहे है। इसलिए आज समाज को जरूरत है शिक्षालय जैसी संस्थाओं की जो बेसहारों का सहारा बन सके और साथ के साथ जरूरत है गगन दीप सिंह जैसे यूथ की जो केवल खाने का लंगर ही नहीं बल्कि शिक्षा का लंगर भी लगाए क्योंकि एक पढ़ा लिखा और संस्कारी बचपन ही आगे जा के  देश के विकास में अपना योगदान दे सकता है और एक आदर्श समाज का निर्माण कर सकता है।

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