नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) दिसंबर तक 100 ‘अटल कैंटीन’ खोलने जा रहा है। इन कैंटीनों में गरीब, मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि 2025-26 के बजट में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक कैंटीन खोली जाएगी।
पहले चरण में कुछ कैंटीनें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन (17 सितंबर) पर शुरू हो सकती हैं, जबकि बाकी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (25 दिसंबर) तक शुरू करने का लक्ष्य है। रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों, रिक्शा चालकों, छात्रों और जरूरतमंदों को सिर्फ ₹5 में पोषण से भरपूर खाना मिलेगा।
क्या मिलेगा खाने में?
5 रुपये में एक थाली में चावल, दाल, सब्जी और रोटी जैसे पौष्टिक भोजन दिए जाएंगे, ताकि मेहनतकश लोगों को कम दाम में भरपेट खाना मिल सके। हरियाणा की कैंटीन योजना है जहां 10 रुपये में भोजन मिलता है। लेकिन दिल्ली सरकार ने इसे और किफायती बनाते हुए केवल 5 रुपये में खाना देने का फैसला किया है।
पिछली ‘अटल आहार योजना’ ज्यादा समय नहीं चल सकी थी। इस बार योजना को टिकाऊ बनाने के लिए कैंटीनों को स्नैक्स, चाय आदि भी बेचने की अनुमति दी जाएगी ताकि वे अपनी लागत पूरी कर सकें।
भोजन में क्या मिलेगा?
रोटी, सब्जी, दाल और चावल जैसी पूरी थाली उपलब्ध कराई जाएगी।
सुविधाजनक स्थानों पर कैंटीन, ये कैंटीन निर्माण स्थलों, बस स्टैंड्स और बाजारों के पास खोली जाएंगी ताकि जरूरतमंद आसानी से पहुंच सकें।
- सुबह और दोपहर दोनों समय खाना
- कैंटीन में सुबह और दोपहर दोनों समय भोजन मिलेगा।
- रिपोर्ट बनेगी, फिर क्रियान्वयन
- योजना के लिए पहले व्यवहारिक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
