New Delhi : भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया, जब पंजाब के युवा धावक गुरिंदरवीर सिंह ने राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ महज 10.09 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम कर दिया। इस प्रदर्शन के साथ वह न केवल भारत के सबसे तेज धावक बन गए, बल्कि 10.10 सेकंड की बाधा को तोड़ने वाले पहले भारतीय भी बन गए। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय स्प्रिंटिंग को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। रांची में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के दूसरे दिन पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा ने रोमांच की सारी सीमाएं पार कर दीं। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ओडिशा के धावक अनिमेष कुजूर 10.18 सेकंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे थे। लेकिन शुक्रवार को हुए सेमीफाइनल मुकाबलों में घटनाक्रम तेजी से बदल गया।
सबसे पहले 25 वर्षीय गुरिंदरवीर सिंह ने अपने सेमीफाइनल हीट में 10.17 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। भारतीय एथलेटिक्स प्रेमी इस उपलब्धि का जश्न मना ही रहे थे कि लगभग पांच मिनट बाद दूसरे सेमीफाइनल में अनिमेष कुजूर ने 10.15 सेकंड का समय निकालकर रिकॉर्ड फिर से अपने नाम कर लिया। इस तरह कुछ ही मिनटों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड दो बार टूटा और भारतीय एथलेटिक्स में नई प्रतिस्पर्धा की शुरुआत हो गई।
फाइनल में गुरिंदरवीर का धमाका
सभी की नजरें फाइनल मुकाबले पर टिकी थीं। उम्मीद थी कि अनिमेष और गुरिंदरवीर के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। लेकिन फाइनल में गुरिंदरवीर सिंह ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने पूरे स्टेडियम को आश्चर्यचकित कर दिया। स्टार्टिंग ब्लॉक से निकलते ही उन्होंने शानदार गति पकड़ ली और पूरी दौड़ के दौरान अपनी बढ़त बनाए रखी। उन्होंने फिनिश लाइन 10.09 सेकंड में पार की और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। दूसरी ओर अनिमेष कुजूर उनसे काफी पीछे रह गए। फिनिश लाइन पर गुरिंदरवीर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से लगभग दो फीट आगे थे। रिलायंस फाउंडेशन के ही प्रणव गुरव ने 10.29 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
भारत के सबसे तेज धावक बने गुरिंदरवीर
10.09 सेकंड का समय निकालकर गुरिंदरवीर सिंह ने भारतीय एथलेटिक्स में नया अध्याय लिख दिया है। इससे पहले कोई भी भारतीय धावक 100 मीटर दौड़ को 10.10 सेकंड से कम समय में पूरा नहीं कर पाया था। यही वजह है कि अब उन्हें “फास्टेस्ट मैन इन इंडियन हिस्ट्री” यानी भारतीय इतिहास का सबसे तेज धावक कहा जा रहा है। उनका यह प्रदर्शन केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि एशियाई स्तर पर भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सीजन में उनका 10.09 सेकंड का समय एशिया का दूसरा सबसे तेज समय है।
एशिया में भी चमके गुरिंदरवीर
गुरिंदरवीर सिंह का 10.09 सेकंड का समय इस सीजन में किसी एशियाई धावक द्वारा दर्ज किया गया दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उनसे आगे केवल जापान के युवा धावक फुकुतो कोमुरो हैं, जिन्होंने मई में 10.08 सेकंड का समय निकाला था। यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय स्प्रिंटर्स अब केवल राष्ट्रीय रिकॉर्ड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एशियाई स्तर पर भी मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों के लिए किया क्वालीफाई
भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए पुरुषों की 100 मीटर स्पर्धा में क्वालीफिकेशन मानक 10.16 सेकंड निर्धारित किया था। गुरिंदरवीर सिंह ने 10.09 सेकंड का समय निकालकर इस मानक को आसानी से पार कर लिया। इस प्रदर्शन के बाद उनका राष्ट्रमंडल खेलों के लिए दावा बेहद मजबूत हो गया है। साथ ही एशियाई खेलों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उनसे पदक की उम्मीद बढ़ गई है।
कौन हैं गुरिंदरवीर सिंह?
गुरिंदरवीर सिंह पंजाब के रहने वाले हैं और देश के उभरते हुए ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों में गिने जाते हैं। वे मुख्य रूप से शॉर्ट स्प्रिंट स्पर्धाओं, विशेषकर 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में विशेषज्ञता रखते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। कड़ी मेहनत, अनुशासन और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग से उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं भी मिलीं, जिसका लाभ अब उनके प्रदर्शन में साफ दिखाई दे रहा है।
गुरिंदरवीर का यह रिकॉर्ड केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि भारतीय स्प्रिंटिंग के विकास का भी प्रतीक है। लंबे समय तक भारत की पहचान मध्यम और लंबी दूरी की दौड़ों, भाला फेंक तथा अन्य स्पर्धाओं में रही है, लेकिन अब स्प्रिंटिंग में भी भारतीय खिलाड़ी विश्व स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
किसके नाम है 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड?
पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का विश्व रिकॉर्ड आज भी जमैका के महान धावक Usain Bolt के नाम दर्ज है। उन्होंने वर्ष 2009 में जर्मनी के बर्लिन में आयोजित World Athletics Championships के दौरान 100 मीटर दौड़ 9.58 सेकंड में पूरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। उसेन बोल्ट का यह रिकॉर्ड पिछले 17 वर्षों से कायम है और आज भी एथलेटिक्स इतिहास की सबसे महान उपलब्धियों में गिना जाता है।
नई उम्मीदों का नाम बने गुरिंदरवीर
गुरिंदरवीर सिंह की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय खेलों के लिए नई उम्मीद का संकेत है। जिस तरह उन्होंने कुछ ही वर्षों में खुद को देश के सबसे तेज धावक के रूप में स्थापित किया है, उससे यह साफ है कि भारत में स्प्रिंटिंग का भविष्य उज्ज्वल है। रांची की ट्रैक पर दौड़े गए 10.09 सेकंड ने न केवल रिकॉर्ड बुक बदली है, बल्कि करोड़ों भारतीय खेल प्रेमियों को यह विश्वास भी दिलाया है कि अब भारत के धावक दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
