मंजिल तो तू ही है
अक्सर चर्चा के दौरान हम अलग-अलग धर्मो की बात करते हैं लेकिन परमात्मा को एक बताते हैं किंतु ये नहीं बता पाते कि आखिर परमात्मा है कौन? जिन्होंने ये जान लिया वो तो भगवान के हो गए, जिन्होंने इसे जाना, क्या उनके जान लेने से हम जान पाए? असंभव, ये हो ही नहीं सकता क्योंकि…
