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Spiritual : पुरूषार्थ से परमार्थ तक

जब कृपा राम जी की होती है तब संत अनुकूल मिलते है। राम और रामायण को जीवन में धारण करेंगे तो ही पुरूषार्थ यानि धर्म के मार्ग पर चल पाएंगे। रामायण के अरण्यकाण्ड में एक बार श्री लक्ष्मण जी ने प्रभु श्रीराम जी से पूछा कि हे प्रभो! ज्ञान, वैराग्य और माया का वर्णन कीजिए और…

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